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Saturday, June 20, 2026

गड्डी तेरा भाई चलाएगा

 

पीकर भी जो लड़खड़ाए नहीं, तो क्या पिया,
कभी झूमे, कभी बल खाए नहीं, तो क्या पिया।

नशे का बयान — "गड्डी तेरा भाई चलाएगा",
ज़िद में ये बात दुहराए नहीं, तो क्या पिया।

दोस्तों ने जब समझाया — "अब घर चलो",
'शट-अप' चिल्लाए भी नहीं, तो क्या पिया।

सुबह उठकर कसम खाई — "अब बस, तौबा!",
शाम ढले जाम उठाए नहीं, तो क्या पिया।

माना नाक टूटी है दीवार से, बेलन से नहीं,
घर का पता भूल पाए नहीं, तो क्या पिया।

'लिटिल' और 'लवली' कह-कहकर भी जो,
बोतल पूरी गटक पाए नहीं, तो क्या पिया।

चखना न मिला, बोटी भी हुई नसीब नहीं,
नमक से काम चलाए नहीं, तो क्या पिया।

पीने से याददाश्त बढ़ती होगी अगर कहीं,
'वर्मा' का उधार चुकाए नहीं, तो क्या पिया।

Sunday, November 21, 2010

अपना एक स्टाईल रक्खो

अपना एक स्टाईल रक्खो

अधरों पर स्माईल रक्खो

.

दिखना हो जो धीर-गंभीर

पहलू में एक फाईल रक्खो

.

ये दुनिया जीने नहीं देगी

नज़रों मे मिसाईल रक्खो

.

बिखर रहे हो क्यूँ आखिर

खुद को कम्पाईल रक्खो

.

खतरा है खो जाने का तो

संग अपने मोबाईल रक्खो

Thursday, July 9, 2009

कमबख्त रास्ते में एक ठेका है --


दर्जनों ‘सदाओं’ ने मुझको आकर छेका है
इल्जाम क्यों देती हो आंख भर 'सेंका' है
.
आ गया होता कब का मैं तुम्हारे दर पर
क्या करू कमबख्त रास्ते में एक 'ठेका' है
.
मेरे बहकने पर क्यो दोष देती हो, बोलो
हमारे ज़ज्बात मे तो गज़ब का 'एका' है
.
नर्सों की तीमारदारी है, अस्पताल में हूँ
प्रेम से तुमने, गमले समेत फूल फेका है
.
भंवरा कब भला ठहरता है इक दर पर?
मेरे लिये तो हरेक नया ठांव ‘यूरेका’ है।

विश्व रेडक्रास दिवस

विश्व रेडक्रास दिवस
विश्व रेडक्रास दिवस पर कविता पाठ 7 मई 2010

हिन्दी दिवस : काव्य पाठ

हिन्दी दिवस : काव्य पाठ
हिन्दी दिवस 2009

राजस्थान पत्रिका में 'यूरेका'

राजस्थान पत्रिका में 'यूरेका'

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