चरम पर है
दीपोत्सव की तैयारी।
लाखों दीये
आयातित किए गए हैं।
थालियों से तेल
चुराने के लिए
तैनात किए गए हैं
शातिर और पेशेवर लोग।
उन्हें हिदायत है—
उनकी विवशता को भी
विवश कर दो,
ताकि वे
अपने अँधेरों को भूलकर
दूसरों के उजालों पर
तालियाँ बजाते रहें।
और हाँ,
उन्हें दूर से
जबरन दिखाया जाए
तथाकथित
डबल इंजन का उजाला।
रोशनी को भी
हिदायत है—
कुछ समय तक
रोशनी बिखेरने की,
मगर इस सावधानी के
साथ
कि अँधेरों को
कोई क्षति न पहुँचे।



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