Thursday, August 6, 2026

गधा आगे क्यों निकला?

 

एक बार घोड़ों की रेस हो रही थी। न जाने कैसेएक प्रभावशाली 

व्यक्तित्व वाला महत्वाकांक्षी गधा भी उसमें शामिल हो गया।

 

लोग हैरान थे— "भला गधा घोड़ों से कैसे जीत पाएगा?"

 

रेस शुरू हुई और कुछ देर बाद समाप्त भी हो गई।

 

नतीजा आया तो सबकी आँखें फटी की फटी रह गईं। सबसे आगे 

गधा था।

 

लोगों ने उत्सुकता से पूछा, "इतने तेज़-तर्रार घोड़ों के बीच तुम 

जीत कैसे गए?"

 

गधा मुस्कुराया और बोला

 

"मैंने बस इतना कहा था


'
तुम सब मेरे पीछे-पीछे चलोमैं तुम्हें गंतव्य तक पहुँचने का 

शॉर्टकट रास्ता बताता हूँ।'

 

बस... वे मेरे पीछे चल पड़ेचलते रहे और मैं जीत गया।"


10 comments:

Sweta sinha said...

घोड़े भला गधे को फोलो क्यों करने लगे?
ये हो सकता है गधे का व्यक्तित्व प्रभावशाली रहा होगा पर घोड़ों को भी सोचना चाहिए था है तो गधा ही न।
पता नहीं हम क्या-क्या लिख रहे।
सारगर्भित रोचक लघुकथा है सर।
सादर
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जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना शुक्रवार ७ अगस्त २०२६ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।

Digvijay Agrawal said...

गदहा भी गधा हो सकता है
वंदन

M VERMA said...

आपके द्वारा इंगित संकेतानुसार आवश्यक संशोधन कर दिया है
शुक्रिया

M VERMA said...

जी हाँ
शुक्रिया

सुशील कुमार जोशी said...

वाह :)

M VERMA said...

शुक्रिया

Anita said...

जो गधे के पीछे जा सकते हैं वे तो गधे से भी बड़े गधे सिद्ध हो गये

M VERMA said...

यकीनन
और यही हो रहा है

हरीश कुमार said...

बेहतरीन

M VERMA said...

शुक्रिया

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