कट गई देश की नाक, जै बोलो।
बेशक छान रहे खाक, जै बोलो।
झूठ के बाज़ार में सच बोलोगे,
बन जाओगे मज़ाक, जै बोलो।
वेंटिलेटर पर है अचेत
प्रगति,
आँकड़ों
की मची है धाक,
जै
बोलो।
भूखा ढूँढ रहा कूड़े में रोटी,
फ़ाइल है ठीक-ठाक, जै बोलो।
विकास के विशाल पोस्टर को
नंगे बच्चे रहे हैं ताक, जै बोलो।
बेबस को बिठाकर सामने देखो,
भाषण की देंगे खुराक, जै बोलो।
‘वर्मा’ रुक
गया उस देहरी पर,
जहाँ है रक्तसनी फ्रॉक, जै बोलो।






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