Monday, August 24, 2026

अच्छे स्कूलों से दस नुकसान

 

आजकल हर ओर "स्कूल सुधारो अभियान" की चर्चा है, मैंने अपने रिसर्च में पाया कि स्कूल सुधर गये तो नुकसान ही नुकसान है। शोधपत्र के कुछ बिंदु निम्नवत हैं : - 

1. बच्चे सवाल पूछने लगते हैं

फिर हर बात पर “क्यों?” पूछते हैं— और यह आदत परिवार से लेकर ज्यादातर सत्ता तक को बेचैन कर सकती है।

2. बच्चे तर्क करना सीख जाते हैं

हर घटना को तर्क की कसौटी पर कसने लगते हैं। वे “चोरी तो हुईपर चोर कोई नहीं है” जैसी अवधारणाओं को मानने से इनकार कर देते हैं।

3. अंधविश्वास पर संदेह करने लगते हैं

हर बात को आँख मूँदकर मानने के बजाय प्रमाण माँगने लगते हैं। इससे अंधविश्वास ही नहीं,
अंधभक्ति की जड़ें भी हिलने लगती हैं।

4. बच्चे किताबें पढ़ने लगते हैं

और किताबों में लिखी बातों पर विश्वास करने लगते हैं। नतीजा— व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी का ज्ञान,
जो उन्हीं के टैक्स के पैसे से प्रसारित किया जाता हैफेल होने के कगार पर पहुँच जाता है।

5. बच्चों में आत्मसम्मान पैदा हो जाता है

फिर उन्हें डराकरधमकाकर या लालच देकर आसानी से नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।

6. वे गलत को गलत कहने लगते हैं

चाहे गलत करने वाला कितना ही बड़ाप्रभावशाली या सम्मानित क्यों न हो। वे निडर होकर गलत को गलत कहने लगते हैं।

7. बच्चे बराबरी की बात करने लगते हैं

सत्ता के अचूक हथियार— जातिधर्मअमीरी-गरीबी और पद— को वे निरस्त करने लगते हैं। उन्हें इंसान दिखाई देता हैउसकी हैसियत नहीं।

8. वे सत्ता से भी सवाल पूछ सकते हैं

और सबसे बड़ा नुकसान— वे सार्वजनिक रूप से घोषित कर सकते हैं कि हमारा काम सिर्फ ताली और थाली बजाना नहीं है।

9. वे अपने भविष्य का फैसला खुद लेना चाहते हैं

और अगर वे अपने भविष्य का फैसला खुद करने लगेंगेतो उन्हें भीड़ बनाना आसान नहीं रहेगा।

10. सबसे बड़ा नुकसान
वे अच्छे नागरिक बन सकते हैं। फिर उन्हें झूठे वादोंडरनफरत और दिखावे से बहकाना आसान नहीं रहेगा। और यही तो सत्ता का ब्रह्मास्त्र होता है।

No comments:

विश्व रेडक्रास दिवस

विश्व रेडक्रास दिवस
विश्व रेडक्रास दिवस पर कविता पाठ 7 मई 2010

हिन्दी दिवस : काव्य पाठ

हिन्दी दिवस : काव्य पाठ
हिन्दी दिवस 2009

राजस्थान पत्रिका में 'यूरेका'

राजस्थान पत्रिका में 'यूरेका'

हमारी वाणी

www.hamarivani.com

ब्लागोदय


CG Blog

एग्रीगेटर्स

ब्लागर परिवार

Blog parivaar