लहरों सा था जीवन संग तुम्हारे
हार गये हैं क्यों बोलो उमंग तुम्हारे
सन्दर्भों में हर पल रहने वाले
खामोश क्यों हो गये प्रसंग तुम्हारे
चित्र : शाखा से लटके हुए इमली (साभार : गुगल सर्च)
लहरों सा था जीवन संग तुम्हारे
हार गये हैं क्यों बोलो उमंग तुम्हारे
सन्दर्भों में हर पल रहने वाले
खामोश क्यों हो गये प्रसंग तुम्हारे
चित्र : शाखा से लटके हुए इमली (साभार : गुगल सर्च)
बेजुबान हूँ
कुछ कहूँगा तो लोग कहेंगे कि कहता है
इसलिये चुप रहूँगा
एक अनुमान लगाईए आखिर ऐसा क्या लदा होगा कि इस बेजुबान को अधर में लटकना पड़ा ------------