हास्य, व्यंग्य, कही-अनकही
माना कि आप कद में मुझसे बहुत बड़े हो
पर मेरे सामने तो सिर झुकाये खड़े हो
हमें तो सिर उठाकर जीने की आदत है
रास्ता दीजिये मुझको, क्यूँ रास्ते में अड़े हो
चित्र : गुगल सर्च से साभार