एक बार संसद में
एक कुत्ता घुस गया।
सभी सांसद
घबराकर अपनी-अपनी सीटों के पीछे छिपने
लगे।
तभी एक अनुभवी सांसद ने कहा—
“घबराइए नहीं,
ये बेवजह नहीं काटता।”
एक सांसद ने पूछा—
“तो फिर
किसे काटता है?”
अनुभवी सांसद मुस्कुराया—
“जो
इसके रास्ते में आ जाए।”
तभी दूसरा सांसद बोला—
“फिर तो चिंता की कोई बात नहीं…”
पहला बोला—
“क्यों?”
वह बोला—
“हम तो इतने वर्षों से
सिर्फ़ रास्ते बदलने में
माहिर हैं।”
कुत्ता कुछ देर
संसद को देखता रहा…
फिर चुपचाप बाहर चला गया।
शायद उसे समझ आ गया था—
यहाँ काटने का काम
पहले से ही
बहुत कुशलता से हो
रहा है।



6 comments:
शायद उसे समझ आ गया था—
यहाँ काटने का काम
पहले से ही
बहुत कुशलता से हो रहा है।
वंदन
शुक्रिया
सटीक कटाक्ष
शुक्रिया 😃
हा हा
😃
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