इश्क आसान नहीं भाई, बहुत फाइट है,
माशूका
राज़ी हो गई तो बाप टाइट है।
जोड़ी
जमेगी कैसे तुम्हारी और उसकी,
चार
फुटे तुम, छह फुट उसकी हाइट है।
उसने
पेंच किसी और से लड़ा लिया है,
उड़ता
रह गया तुम्हारा अपना काइट है।
फुर्र
होने की फिराक़ में है वो शायद,
ठीक
सात बजे उसकी तो फ्लाइट है।
तुम्हें
मुबारक हो तुम्हारे सतरंगी सपने,
अपनी
किस्मत तो ब्लैक एंड व्हाईट है।
माना
ये पेड़ इमली का है, आम का नहीं,
उसने
कह दिया आम, तो वही राइट है।
'वर्मा' ने दिन में जला दिए सारे बल्ब,
उसने
कह दिया जो—"अभी नाइट है!"



No comments:
Post a Comment