Friday, July 17, 2026

ज़हन का Congestion

 

प्यास इतनी न बढ़ाए कि dehydration हो जाए,
इश्क़ गर इकतरफ़ा रहे तो complication हो जाए।

सुबह के निकले हैं, शाम हुईअब तक लौटे नहीं,
मुमकिन है यह गुमशुदगी नई sensation हो जाए।

माना छोड़ गई है तुम्हें तुम्हारे हाल पर लेकिन,
लौट आओ, इससे पहले हर सच illusion हो जाए।

हर कोई यहाँ निभा रहा है एक रिश्ता ए किरदार,
क्या पता रूमानियत महज़ presentation हो जाए।

राज़-ए-दिल यूँ ही गर दफ़्न रहें तो बेहतर है,
बेवजह आख़िर क्यों इनका translation हो जाए।

घुट रही है जिंदगी, खुली हवा में आना होगा
इससे पहले ज़िंदगी ही suffocation हो जाए।

बहाता रहेगा इन जज़्बातों को पन्नों पर 'वर्मा',
कहीं ये ख़ामोशी ज़हन का congestion हो जाए।

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