Sunday, October 17, 2010

आवश्यकता है : एक रावण की ~~

आवश्यकता है :

एक रावण की

योग्यता :

मायावी होना,

जो अगले साल -

दशहरा पर्व तक

फिर से खड़ा हो जाये;

जो इस साल के कद से

अगले साल और बड़ा हो जाये;

छल, क्षद्म, अनाचार-व्यभिचार

विशेष योग्यता मानी जायेगी.

हरण-अपहरण में

दक्ष होना आवश्यक है. 

उसे खुद पर वार कर सकने योग्य

'राम' की तलाश खुद करनी होगी.

(हम तलाश करने में नाकाम रहे हैं)

यह उसकी विशेष योग्यता होगी,

इच्छुक तुरंत सम्पर्क करें.

अब तक के वारदातों का

बायोडाटा साथ लायें,

पहले आओ-पहले पाओ

का लाभ उठायें.

(नोट : भारतीय नेता कृपया सम्पर्क न करें)

10 comments:

प्रमोद ताम्बट said...

पुतला फूँकत जग मुआ
रावण मरा ना कोय
जो फूँके निज अहंकार
रावण क्यूँ पैदा होय।

प्रमोद ताम्बट
भोपाल
www.vyangya.blog.co.in
http://vyangyalok.blogspot.com
व्यंग्य और व्यंग्यलोक
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Udan Tashtari said...

अब ऐसा नोट लगा दिये हैं तो कहाँ से मिलेगा... :)

अजय कुमार झा said...

क्या लिखा है आपने वाह ! बहुत खूब और एकदम सटीक

Vandana ! ! ! said...

तीव्र कटाक्ष! एक एक शब्द चोट करती हुई-सी!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आवश्यकता है : एक रावण की ~~
आवश्यकता है :

एक रावण की

योग्यता :

मायावी होना,

जो अगले साल -

दशहरा पर्व तक

फिर से खड़ा हो जाये;
---


तभी तो भारत का महान नेता बनेगा प्यारे!

Kailash C Sharma said...

आपकी लेखनी का ज़वाब नहीं..बहुत ही सटीक कटाक्ष ....आभार

वन्दना said...

तीखा कटाक्ष्………………बेहतरीन्।

सतीश सक्सेना said...

यह तो नहीं मिलता ...

Asha said...

रावण तो
दुर्बुद्धी का प्रतीक मात्र है |उसे एक दिन में समाप्त नहीं किया जा सकता |सच में रावण गली गली
में हें तलाश तो राम की अति आवश्यक है |बधाई अच्छी पोस्ट के लिए |
आशा

देवेन्द्र पाण्डेय said...

रावण की नियुक्ति करने वाला कोई नेता ही हो सकता है।

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