यूरेका

हास्य, व्यंग्य, कही-अनकही

Sunday, July 5, 2026

जांच समिति का झुनझुना (लघुकथा)

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एक राजा ने एक भव्य इमारत बनवाने का निर्णय लिया। विज्ञापन निकले। नामी निर्माणकर्ताओं ने आवेदन किया , पर ठेका कुछ मशहूर चोरों को मिला। निर्ण...
Saturday, June 27, 2026

स्वयंभू न्याय

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  चोर के साथ कोई वकील नहीं था। उसने अपना मुक़दमा स्वयं लड़ने का निश्चय किया। वह पहले कटघरे में खड़ा हुआ। फिर बाहर आकर बचाव पक्ष का वकील बन...
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Saturday, June 20, 2026

गड्डी तेरा भाई चलाएगा

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  पीकर भी जो लड़खड़ाए नहीं , तो क्या पिया , कभी झूमे , कभी बल खाए नहीं , तो क्या पिया। नशे का बयान — " गड्डी तेरा भाई चलाएगा" ,...
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Wednesday, June 17, 2026

चोर के घर चोरी

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  एक बार चोर तिजोरीलाल अपने प्रतिष्ठित रात्रिकालीन कार्य पर निकला। उसका निशाना था — सेठ सुखविंदर का घर। पूरी पड़ताल के बाद उसे यह विश्वास हो...
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Saturday, June 13, 2026

प्रजा चुप क्यो थी?!

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विक्रम के कंधों पर लदे वेताल ने एक कथा सुनाई— एक नगर में एक राजा था। उसके राज्य में अपराधियों को संरक्षण प्राप्त था, स्त्रियाँ असुरक्षित थीं...
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Wednesday, January 14, 2026

रातों-रात ऐतिहासिक विधेयक पास

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1.     जिस तरह परिवहन विभाग वाहन में ज़रा-सी अनियमितता पर चालान ठोक देता है , उसी तरह अब वाहन मालिक भी सड़क की बदहाली पर सरकार का चालान का...
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Saturday, November 1, 2025

सैलाब रक्खेंगे ....

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ये तुम्हारा भरम है कि वे गुलाब रखेंगे मंज़िल से ठीक पहले वे सैलाब रखेंगे हक़ीक़त कहीं तुमसे रूबरू न हो जाए तुम्हारी पलकों पर अब वे ख़्व...
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M VERMA
वाराणसी में पला-बढ़ा, दिल्ली में अध्यापन कार्य में संलग्न था। जब कभी मैं दिल के गहराई में कुछ महसूस करता हूँ तो उसे कविता के रूप में पिरो देता हूँ। अभिनय भी मेरा शौक है।
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