हास्य, व्यंग्य, कही-अनकही
रूढ़िवादिता का सुन्दर चित्रण किया है , कविता के माध्यम से ।शुक्र है कि अब यह सोच बदलने लगी है ।
रूढ़िवादिता का सुन्दर चित्रण किया है , कविता के माध्यम से ।
ReplyDeleteशुक्र है कि अब यह सोच बदलने लगी है ।