हास्य, व्यंग्य, कही-अनकही
हिन्दयुग्म यूनिकवि प्रतियोगिता अप्रैल मास 2010
में मेरी रचना को द्वितीय स्थान आप भी पढ़े :
कोखजने का दम तोड़ना
आभार : हिन्दयुग्म
badhaai !badhaai badhaai !kavita ko mile sammaan ke liye badhaai !
जी हाँ! यही सच हैअब मैं अपने तमाम प्रश्नों का गलामानस कोख में ही घोट देता हूँमेरा अगला कदमउस कोख को ही निकाल फेंकना हैजहाँ से इनका जन्म सम्भावित हैमार्मिक अभिव्यक्ति ..बंधाई स्वीकारें
badhaai !
ReplyDeletebadhaai
badhaai !
kavita ko mile sammaan ke liye
badhaai !
जी हाँ! यही सच है
ReplyDeleteअब मैं अपने तमाम प्रश्नों का गला
मानस कोख में ही घोट देता हूँ
मेरा अगला कदम
उस कोख को ही निकाल फेंकना है
जहाँ से इनका जन्म सम्भावित है
मार्मिक अभिव्यक्ति ..
बंधाई स्वीकारें