Wednesday, August 12, 2009

दिल बहलता नहीं तो मै क्या करूँ ~

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कसरत करके डोले बना लीजिए
सुबह-शाम नाश्ते में चना लीजिए
*
पेट के मरीज़ो सुनो मेरी बात
सुबह-सुबह पानी गुनगुना लीजिए

*
खून की कमी है आपके शरीर में
आप तो
महुए का तना लीजिए
*
मधुमेह या रक्तचाप है तो भाई
खाने में अपने
सहजना लीजिए
*
दिल बहलता नहीं तो मै क्या करूँ
आप अपने लिये झुनझुना लीजिए

*
बोल्ड / इटालिक पर चटका लगाकर देखें

18 comments:

  1. ये तो बढ़िया व्यंज़ल बन गया है!

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  2. चिकित्सक महोदय
    ये दिल वाला झुनझुना कहाँ मिलता है.
    आप तो डाक्टरो के भी डाक्टर निकले
    बहुत खूब

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  3. रजिया जी
    इस झुनझुने की तलाश तो आपको खुद करनी होगी.

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  4. bahut hi sundar jhunjhuna wali baat ....bahut bahut badhaaee

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  5. अरे वाह आप तो डाक्टर बन गये..
    वैसे बिल्कुल सत्य कहा आपने...नुक्से बेहतर है अगर लोग उपयोग करे तो..

    दिल बहलता नहीं तो मै क्या करूँ
    आप अपने लिये झुनझुना लीजिए
    मजेदार!!!

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  6. सही है डाक्साब. भौत बढ़िया.

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  7. aaj toh aapne kamaaal kar diya
    waah
    waah
    bahut khoob !

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  8. वाह वाह....
    इस कहते है 'आम के आम और गुठलियों के दाम' बहुत बढ़िया रही आपकी कविता...और यकीन कीजिये आपके बताये नुस्खे बहुत काम के हैं...काम आ ही जायेंगे आज नहीं तो कल..
    और हाँ वर्मा जी वो तोंद वाला फिरंगी कहाँ मिला आपको...ऐसा पेट तो हमने कही नहीं देखा ..
    हा हा हा हा हा

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  9. अत्यन्त सुंदर! श्री कृष्ण जनमाष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें!

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  10. श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बहुत बहुत शुभकामनाएं !

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  11. wah wah, kya likha hai aapne.. agar man dole to phir ??
    blogging ki dunia me vichran kijie


    http://som-ras.blogspot.com

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  12. कसरत करके डोले बना लीजिए
    सुबह-शाम नाश्ते में चना लीजिए

    bahut hi uyogi manmohak rachna. badhai!!

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