हास्य, व्यंग्य, कही-अनकही
हम नहीं सुधरेंगे
हमारी आदत में शुमार हो गया गन्दगी फेंकना और बिखेरना ! निराशाजनक स्थिति !
निमाड़ी बोली में एक कहावत है ---भणया पर गुणयानई ---"मतलब पढ़ तो लिए पर गुणवान नहीं बने"
अफसोसजनक ...
पूजा पाठ से प्रदूषण फैलता है ।
हम नहीं सुधरेंगे
ReplyDeleteहमारी आदत में शुमार हो गया गन्दगी फेंकना और बिखेरना ! निराशाजनक स्थिति !
ReplyDeleteनिमाड़ी बोली में एक कहावत है ---भणया पर गुणया
ReplyDeleteनई ---"मतलब पढ़ तो लिए पर गुणवान नहीं बने"
अफसोसजनक ...
ReplyDeleteपूजा पाठ से प्रदूषण फैलता है ।
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