हास्य, व्यंग्य, कही-अनकही
ये मत समझो कि दुबके हुए है डरकर
आजकल साहब बहुत काम कर रहे हैं
कुछ पल तो सुकून लेने दो, कल आना
थके हुए हैं अभी वो आराम कर रहे हैं
हा हा हा. बहुत बढ़िया प्रस्तुति. :)बहुत खूब!
ha ha ha bahutahi badhiya...
हा हा हा ...साहब...साहब का आराम लाजवाब है
अपना-अपना भाग्य !
बहुत मजेदार आराम का मामला है
हा हा हा........................
छोटे साहब ऐसे आराम से सोते हैंबड़े साहब अक्सर बाथरूम में होते हैं ।
वर्मा साहब आज कुत्तों की ही मौज है ,इन्सान की क्या औकात है / सच्ची सार्थक प्रस्तुती आज के सन्दर्भ में /
vaah kya andaaz hain....
वो गाना याद आ गया की कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना.. :) बेहतरीन
बहुत सटीक...नींद डिस्टर्ब तो काट खायेंगे साहब जी.
.साहब का आराम लाजवाब है
aaraam jaroori bhi hai....
हा हा हा. बहुत बढ़िया प्रस्तुति. :)
ReplyDeleteबहुत खूब!
ha ha ha bahutahi badhiya...
ReplyDeleteहा हा हा ...साहब...साहब का आराम लाजवाब है
ReplyDeleteअपना-अपना भाग्य !
ReplyDeleteबहुत मजेदार
ReplyDeleteआराम का मामला है
हा हा हा........................
ReplyDeleteछोटे साहब ऐसे आराम से सोते हैं
ReplyDeleteबड़े साहब अक्सर बाथरूम में होते हैं ।
वर्मा साहब आज कुत्तों की ही मौज है ,इन्सान की क्या औकात है / सच्ची सार्थक प्रस्तुती आज के सन्दर्भ में /
ReplyDeletevaah kya andaaz hain....
ReplyDeleteवो गाना याद आ गया की कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना.. :) बेहतरीन
ReplyDeleteबहुत सटीक...नींद डिस्टर्ब तो काट खायेंगे साहब जी.
ReplyDelete.साहब का आराम लाजवाब है
ReplyDeleteaaraam jaroori bhi hai....
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