हास्य, व्यंग्य, कही-अनकही
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सौ आने सच्ची बात...
waah badi sahi baat kahi
गुलाब में कांटे हैं उसकी रक्षा के लिए ...या काँटों की चुभन को कम करने के लिए है गुलाब ...जो भी हो ..चित्र बहुत खूबसूरत है ...!!
जिस दिन हम सब यह समझ जायेंगे की दुख ही असल सुख और सच्चा है उस दिन ये संसार इंसानों की बस्ती हो जाएगी /
बेहतरीन नजरिया ।
सुन्दर....जीवन में फूल और कांटे दोनों ही मिलते हैं
जीवन के यही तो दो रंग है.बढिया
Joy and woes are woven fine !
सौ आने सच्ची बात...
ReplyDeletewaah badi sahi baat kahi
ReplyDeleteगुलाब में कांटे हैं उसकी रक्षा के लिए ...या काँटों की चुभन को कम करने के लिए है गुलाब ...
ReplyDeleteजो भी हो ..चित्र बहुत खूबसूरत है ...!!
जिस दिन हम सब यह समझ जायेंगे की दुख ही असल सुख और सच्चा है उस दिन ये संसार इंसानों की बस्ती हो जाएगी /
ReplyDeleteबेहतरीन नजरिया ।
ReplyDeleteसुन्दर....जीवन में फूल और कांटे दोनों ही मिलते हैं
ReplyDeleteजीवन के यही तो दो रंग है.
ReplyDeleteबढिया
Joy and woes are woven fine !
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