बहुत ही अच्छी और हौसला अफजाई करने वाली कविता / आज ऐसे ही विचारों की जरूरत है /एम. वर्मा जी आज हमें आपसे सहयोग की अपेक्षा है और हम चाहते हैं की इंसानियत की मुहीम में आप भी अपना योगदान दें / पढ़ें इस पोस्ट को और हर संभव अपनी तरफ से प्रयास करें ------ http://honestyprojectrealdemocracy.blogspot.com/2010/05/blog-post_20.html
असली मीनाकुमारी की रचनाएं अवश्य बांचे फिल्म अभिनेत्री मीनाकुमारी बहुत अच्छा लिखती थी. कभी आपको वक्त लगे तो असली मीनाकुमारी की शायरी अवश्य बांचे. इधर इन दिनों जो कचरा परोसा जा रहा है उससे थोड़ी राहत मिलगी. मीनाकुमारी की शायरी नामक किताब को गुलजार ने संपादित किया है और इसके कई संस्करण निकल चुके हैं.
waah Verma ji bada karara vyang hai...
ReplyDeleteवाह, बहुत उम्दा रहा आपके स्वर में सुनना!
ReplyDeleteमज़ा आ गया सुनकर...
ReplyDeleteअच्छी सस्वर रचना
ReplyDeleteबहुत ही अच्छी और हौसला अफजाई करने वाली कविता / आज ऐसे ही विचारों की जरूरत है /एम. वर्मा जी आज हमें आपसे सहयोग की अपेक्षा है और हम चाहते हैं की इंसानियत की मुहीम में आप भी अपना योगदान दें / पढ़ें इस पोस्ट को और हर संभव अपनी तरफ से प्रयास करें ------ http://honestyprojectrealdemocracy.blogspot.com/2010/05/blog-post_20.html
ReplyDeleteNice creation !
ReplyDeleteBeautifully presented !
असली मीनाकुमारी की रचनाएं अवश्य बांचे
ReplyDeleteफिल्म अभिनेत्री मीनाकुमारी बहुत अच्छा लिखती थी. कभी आपको वक्त लगे तो असली मीनाकुमारी की शायरी अवश्य बांचे. इधर इन दिनों जो कचरा परोसा जा रहा है उससे थोड़ी राहत मिलगी. मीनाकुमारी की शायरी नामक किताब को गुलजार ने संपादित किया है और इसके कई संस्करण निकल चुके हैं.
आपकी ये कविता सुन कर याद आ गया कि दिल्ली अभी दूर है.....
ReplyDeleteबहुत खूबसूरती से कही है आपने अपनी बात
सॉरी, बहुत समय से मेरे कंप्यूटर का ऑडियो खराब है !
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