Wednesday, June 9, 2010

तेरे मेरे बीच कैसा है ये बन्धन अनजाना .....

चित्र पर क्लिक करके बड़ा करके देखे : 

image

चित्र : गुगल सर्च साभार

11 comments:

पी.सी.गोदियाल said...

वाह, काश कि इंसान इनसे कुछ सबक लेते !

दिलीप said...

so cute sirji

राजकुमार सोनी said...

आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन जैसे ही मैंने इस पोस्ट पर टिप्पणी लिखनी शुरू की मेरे एक मित्र ने मोबाइल से गाना बजा दिया- तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अनजाना।
वैसे यह गाना मुझे बेहद खूबसूरती से परेशान करता रहा है। आपको धन्यवाद।

अमिताभ मीत said...

Bahut sahii ....

'अदा' said...

मुझे तो गाना याद आ रहा है...
आ....लग जा गले दिलरुबा.....
कहाँ रूठ के चली, ओ गुलाब की कली
तेरे क़दमों में दिल है मेरा....
आ....लग जा गले दिलरुबा...
हा हा हा हा ...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुन्दर....

डॉ टी एस दराल said...

सुहा --ना --आ -आ -आ -आ । आपडिया ।

honesty project democracy said...

भाई वर्मा साहब आपका भी जवाब नहीं ,प्यार की प्रेरणा से भरी पोस्ट ...

AlbelaKhatri.com said...

pasand !
***

Udan Tashtari said...

बहुत सटीक बंधन!!

दिगम्बर नासवा said...

जानवर तो फिर भी भूल जाते हैं कभी कभी ... काश इंसान भी ....

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